Supertech Eco Village 2 Mandir Trust A/C Number: 921020038960994 IFSC Code: UTIB0003666
सुपरटेक इको विलेज–2 सोसाइटी में स्थित श्री राम जानकी सर्वेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना प्रारंभ में वर्ष 2017 में भगवान हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना से हुई थी। समय के साथ-साथ श्रद्धालु निवासियों के सहयोग, समर्पण और निरंतर प्रयासों से यह स्थल विकसित होकर आज एक भव्य और दिव्य मंदिर का रूप ले चुका है। दिनांक 18 Feb 2021 को भव्य मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तथा साथ ही प्रथम ट्रस्ट का गठन किया गया। यह मंदिर पूर्णतः सोसाइटी के सभी निवासियों के सहयोग से निर्मित हुआ है। मंदिर के संचालन और देखरेख हेतु एक ट्रस्ट का गठन किया गया है। प्रत्येक दो वर्ष में ट्रस्ट का चुनाव होता है। प्रत्येक टॉवर से चार-चार सदस्यों का चयन कर ट्रस्ट का गठन किया जाता है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य मंदिर की विकाश, नियमित देखभाल, व्यवस्था एवं धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन करना है। इस प्रकार श्री राम जानकी सर्वेश्वर महादेव मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि सोसाइटी के सभी निवासियों की आस्था, एकता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रतीक भी है।
हिंदू मंदिर (देवालय) ईश्वर के निवास स्थान, आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक विरासत के केंद्र हैं। ये मंदिर, जिन्हें देवस्थानम या कोविल भी कहा जाता है, भक्तों को पूजा, प्रार्थना और ध्यान के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और ईश्वर से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
जब भी कोई व्यक्ति किसी मुसीबत में फंसता है तो सबसे पहले भगवान को याद करता है. अगर बुरा वक्त होता है तो वह हर धार्मिक स्थल पर जाकर माथा टेकता है और भगवान से प्रार्थना करता कि उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक हो जाए. हलांकि जब उसकी प्रार्थना पूरी हो जाती है तो वह हर रोज घर में पूजा करता है पर मंदिर जाने के लिए उसके पास समय नहीं होता. मंदिर जाना व्यक्ति का तब होता है, जब कोई विशेष पर्व या त्यौहार होता है. माना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति व्यस्त है और घर में ही पूजा पाठ कर लेता है पर इसका मतलब ये तो नहीं कि आप मंदिर जाना छोड़ दें. अगर आप व्यवस्तता के चलते रोज मंदिर नहीं जा सकते तो कम से कम हफ्ते में एक बार मंदिर जरूर जाएं, क्योंकि मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने से एक नहीं कई फायदे होते हैं. क्या है ये फायदे आइए जानें-
मंदिर में वर्ष भर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जाते हैं, जैसे—
मंदिर स्थापना दिवस समारोह (प्रतिष्ठा दिवस) मंदिर में मूर्तियों की स्थापना की वर्षगांठ का एक पवित्र उत्सव है, जो पारंपरिक अनुष्ठानों, महाभिषेक, कलश यात्रा, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे के साथ मनाया जाता है। यह कार्यक्रम मूर्ति की प्राण ऊर्जा को नवीनीकृत करने और समुदाय में भक्ति भाव को बढ़ाने का अवसर होता है, जैसे अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा। स्थापना दिवस यह याद दिलाता है कि मंदिर न केवल एक संरचना है, बल्कि भगवान का निवास स्थान है। यह समुदाय को एक साथ लाने, आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने और पुरानी परंपराओं को याद करने का एक अवसर है।